Proceedings of the D.K. Trivedi commission in words of HDH Asharamji Bapu (with english subtitles)
Asharamji Bapuji D.K. Trivedi Commission in Missing boys of Gurukul
MUST READ
Defamation Dismantled - Truth of the Missing Boys of Ahmedabad Gurukul 2008 & Police Brutality
IMPORTANT POINTS
पूज्य बापूजी - जो लोग सुप्रचार करके कुप्रचार को भूलता हैं वो ईश्वर के दैवी कार्य के भागीदार माने जाते हैं
मैं तो कहता हूँ प्रशासन को परेशानी पैदा हो जाती है ये कुप्रचार से | हम जब आपको गले लगाकर आपको भी भारतवासी मान रहे हैं और अपने से, तो आप विदेश में रहकर, अथवा यहाँ रहकर, भारत के पेट में घुसकर, भारत के पेट में छुरा घोंपने की क्यों तकलीफ करते हैं, कर्म का तो विधान है
अभी कितने ह्रदय पथरा रहे हैं, कहरा रहे हैं, तो ध्यान रखे कुप्रचार के साजिश के शिकार न हो
कभी रामदेव महाराज साजिश के शिकार, तो कभी अमृतानंदमयी, कभी सांई बाबा, तो कभी कोई संत एक से एक
और जब बच्चे गुम हुए ३ तारीख को, तो.. साजिश वालों ने ३ के बाद चौथी, पांचवी, छठी, आंठवी तारीख क्यों नही छोड़ी १६ तारीख को घोषणा किया और १८ तारिख को आश्रम में धावा बोला ये साजिश स्पष्ट दिखती है और जो लोग दर्शन करने आयेंगे वो लोग हथियार लेकर क्यों आयेंगे और अहमदाबाद के लोग भी इतने बुरे नही हैं मुझे जानते हैं मेरे पास अहमदाबाद के लोग मेरे यहाँ साधकों को पत्थरो से और डंडों से मारें मैं कत्तई विश्वास नही करता हूँ मुझे पक्का रिपोर्ट है कि २ ट्रकें भरकर आई थी बड़ोदा से और काफी ट्रकें इधर-उधर से बुलाई गयी थी जो दो-दो सौ रुपये वाले आदमी थे कुछ बदमाश थे आगे वहाँ, गाड़ियाँ जलाई , आने वाले लोगो को पीटा, लाइन में खड़े हैं और मारा पत्थर , बहू-बेटियों की चेनें खींची, आंतंक मच रहा था, आश्रम वाले भी अपने अपने डिपार्टमेंट में रहते हैं न तो पर्व के दिन उनकी आवश्यकता और ज्यादा पड़ती है जहाँ ऋषि प्रसाद में २५ आदमी काम करते हैं १५ करते हैं तो उस दिन और ज्यादा बिजी होते हैं साजिश वालों से खरीदे गये लोग आश्रम को बदनाम करने में सहभागी हो गये|
मैं तो कहता हूँ प्रशासन को परेशानी पैदा हो जाती है ये कुप्रचार से | हम जब आपको गले लगाकर आपको भी भारतवासी मान रहे हैं और अपने से, तो आप विदेश में रहकर, अथवा यहाँ रहकर, भारत के पेट में घुसकर, भारत के पेट में छुरा घोंपने की क्यों तकलीफ करते हैं, कर्म का तो विधान है
अभी कितने ह्रदय पथरा रहे हैं, कहरा रहे हैं, तो ध्यान रखे कुप्रचार के साजिश के शिकार न हो
कभी रामदेव महाराज साजिश के शिकार, तो कभी अमृतानंदमयी, कभी सांई बाबा, तो कभी कोई संत एक से एक
और जब बच्चे गुम हुए ३ तारीख को, तो.. साजिश वालों ने ३ के बाद चौथी, पांचवी, छठी, आंठवी तारीख क्यों नही छोड़ी १६ तारीख को घोषणा किया और १८ तारिख को आश्रम में धावा बोला ये साजिश स्पष्ट दिखती है और जो लोग दर्शन करने आयेंगे वो लोग हथियार लेकर क्यों आयेंगे और अहमदाबाद के लोग भी इतने बुरे नही हैं मुझे जानते हैं मेरे पास अहमदाबाद के लोग मेरे यहाँ साधकों को पत्थरो से और डंडों से मारें मैं कत्तई विश्वास नही करता हूँ मुझे पक्का रिपोर्ट है कि २ ट्रकें भरकर आई थी बड़ोदा से और काफी ट्रकें इधर-उधर से बुलाई गयी थी जो दो-दो सौ रुपये वाले आदमी थे कुछ बदमाश थे आगे वहाँ, गाड़ियाँ जलाई , आने वाले लोगो को पीटा, लाइन में खड़े हैं और मारा पत्थर , बहू-बेटियों की चेनें खींची, आंतंक मच रहा था, आश्रम वाले भी अपने अपने डिपार्टमेंट में रहते हैं न तो पर्व के दिन उनकी आवश्यकता और ज्यादा पड़ती है जहाँ ऋषि प्रसाद में २५ आदमी काम करते हैं १५ करते हैं तो उस दिन और ज्यादा बिजी होते हैं साजिश वालों से खरीदे गये लोग आश्रम को बदनाम करने में सहभागी हो गये|
Bapuji clarifies on land encroachment allegations
नाम तो आता है कि अपने ही हिन्दू हैं, अपने ही फलाने हैं लेकिन हिन्दुओं को कैसे हिन्दुओ से भीड़ाना ये साजिशकर्ता लोग अच्छी तरह से जानते हैं सच्चाई कुछ और होती है ऐसे एक-एक बात का मैं क्या खुलासा करूँगा| जैसे सूरत का प्रकरण - सूरत की जमीन ५७० रनिंग फूट रिटेनिंग वाल किया गया है और खाईयाँ पूरी गयी जमीन को सुव्यवस्थित किया गया है और वो सरकार से मांगी गयी है ६ साल तक फाइल चली और १२ टका ब्याज सरकार ने लेकर पेमेंट लिया और अब मैं बोलता हूँ उसमे रातों रात सोने की नगरी जैसी जमीन कहाँ है ८० करोड़ की जमीन कहाँ है इतने रिटेनिंग वाल, बाल संस्कार केंद्र की बिल्डिंग, स्नान का घाट, मंदिर, हनुमान मंदिर, शिव मंदिर ये सारी मिल्कियत अगर आप लेना चाहो तो हम ४ करोड़ में आपको समर्पित कर देते हैं, ८० करोड़ की कहाँ है, इसमें हमारा निर्माण भी आ गया और वो ४ करोड़ हमारे आदमी, आपके आदमी मिलकर गरीबों के आँसू पोंछने में लगा दें, और अब हम इससे ज्यादा क्या कर सकते हैं, और अभी फैसला न्यायालायाधीन है, और जो भी फैसला न्यायालय करेगा हमे मंजूर होगा हमको किसी सरकार से रातो रात कोई जमीन नही मिली वर्षों तक फाइल चली है और कानूनी ढंग से सिटी सर्वे ने २बार रीचेक करके जो मूल्यांकन किया था उसी मूल्य पर १२%ब्याज भरकर हमने ली अब उस समय ४० लाख, ५० लाख की, आज ४करोड़ की है, दस साल के बाद कोई ४० लाख की चीज़ ४ करोड़ की होती है तो इसमें कोई बड़ी बात नही है लेकिन अभी भी हम कहते हैं कि निर्माण सहित ४ करोड़ ले लें ऐसे इस प्रकार न जाने कपोल कल्पित कितने कितने आरोप लगते रहते हैं, लगवाते रहते हैं और प्रशासन परेशान होता रहता है और लोग भयभीत होते रहते हैं और साधुओ को, मैं तो कहता हूँ हमारे वैष्णव साधू गिरी, पुरी अथवा आचार्य वाले किसी भी साधू का जीवन देखोगे तो खा लिया पड़े हैं, उनको न पेंशन मिलती है, न पगार मिलता है ऐसे साधुओ को बदनाम किया जाता है
पूज्य बापूजी - कारण ये है, कलियुग का प्रभाव है,
मंदा मंद मतयाः मंद भाग्या: उपद्रताः
कि कलियुग ऐसा आएगा, मंद मति के उपद्रवी लोग होंगे और मंद मति के लोग जो कुछ लिखा है, और जो कुछ आ गया वो सच्चा मान लेंगे समझदार लोग बोलते हैं ये साजिश है लेकिन नासमझ प्रजा इतनी उत्तेजित हो जाती है हम तो श्रद्धा को धन्यवाद देते हैं कि श्रद्धा ही लोगो के सामने रखे और दूध का दूध और पानी का पानी हो जाये, बच्चो के लिए चाहे और आश्रमों के लिए जो भी कुप्रचार कर रहे हैं उनको भगवान सद्बुद्धि दे दुर्योधन बढ़ रहे हैं, सत्यमेव जयते ये भी तो दुनिया जानती है,
यतो धर्म ततो जयः
स्वधर्मे निदनम् श्रेयम् परधर्म भयावह
अपने सनातन संस्कृति में मर जाना अच्छा है, परधर्म भयावह
रामजी के लिए एक धोबी ने उंगली उठाई लेकिन आशारामजी के लिए कितनी उंगलियाँ एक साथ उठवाने की साजिश चल रही है, कैसा बीतता होगा, फिर भी हम कहते हैं, इल्जाम लगाने वालों ने इल्जाम लगाये लाख मगर तेरी सौगात समझकर हम सिर पे उठाये जाते हैं न जाने कितने कितने,
पूज्य बापूजी - कारण ये है, कलियुग का प्रभाव है,
मंदा मंद मतयाः मंद भाग्या: उपद्रताः
कि कलियुग ऐसा आएगा, मंद मति के उपद्रवी लोग होंगे और मंद मति के लोग जो कुछ लिखा है, और जो कुछ आ गया वो सच्चा मान लेंगे समझदार लोग बोलते हैं ये साजिश है लेकिन नासमझ प्रजा इतनी उत्तेजित हो जाती है हम तो श्रद्धा को धन्यवाद देते हैं कि श्रद्धा ही लोगो के सामने रखे और दूध का दूध और पानी का पानी हो जाये, बच्चो के लिए चाहे और आश्रमों के लिए जो भी कुप्रचार कर रहे हैं उनको भगवान सद्बुद्धि दे दुर्योधन बढ़ रहे हैं, सत्यमेव जयते ये भी तो दुनिया जानती है,
यतो धर्म ततो जयः
स्वधर्मे निदनम् श्रेयम् परधर्म भयावह
अपने सनातन संस्कृति में मर जाना अच्छा है, परधर्म भयावह
रामजी के लिए एक धोबी ने उंगली उठाई लेकिन आशारामजी के लिए कितनी उंगलियाँ एक साथ उठवाने की साजिश चल रही है, कैसा बीतता होगा, फिर भी हम कहते हैं, इल्जाम लगाने वालों ने इल्जाम लगाये लाख मगर तेरी सौगात समझकर हम सिर पे उठाये जाते हैं न जाने कितने कितने,
Bapuji clarifies on Ashram pharmacy medicines
अब २० तारीख को अहमदाबाद बंद और आश्रम में तूफ़ान करने की, फिर २१ तारीख को गोधरा फार्मेसी में छपा मारा, सुनियोजित साजिश और कुछ मिला नही तो नेत्र बिंदु जब्त कर लिए गये, ५६ बोतलें, अब ५६ बोतलें बंद, क्या है कि उसके लिए लाइसेंस नही, भाई साहब, वैद्य चाहे तो अपने ढंग से दवा दे सकता है, उसके लिए लाइसेंस की जरुरत नहीं, और वह दवा निःशुल्क बटती है तो वो भी हाईलाइट कर दिया कि बापू के आश्रम में छापा, बापू के फार्मेसी में छापा, गोधरा फार्मेसी आश्रम में छापा और छापे में मिला क्या? दवाओ के लाइसेंस-वाईसेंस तो है बाकि नेत्र बिंदु का लाइसेंस हमने लिया ही नही क्योकि हमे बेचना नही है, एक पैसा लेना नही, निःशुल्क बाँटते हैं, उसको ही 'आश्रम में छापा' करके बदनाम किया जाता है अब क्या करें? चारों तरफ से, एक जगह से नही, कई जगहों पर ऐसे छापे पड़े, मिला तो क्या मिला नेत्र बिंदु मिला, कहीं नहीं मिले और सब ठीक ठाक
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